PM Gramin Awas Yojana List 2026 : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत ग्रामीण इलाकों में पक्का घर बनाने के लिए पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। 2026 में नई लाभार्थी सूची और Awaas+ सर्वे से जुड़े अपडेट जारी हो रहे हैं। अगर आपका नाम लिस्ट में है या आप स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो घर बैठे आसानी से ऑनलाइन देख सकते हैं।

पुरानी वेबसाइटें (जैसे pmayg.nic.in या awaassoft.nic.in) अब काम नहीं करतीं। अब आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर सारी जानकारी उपलब्ध है।
नाम चेक करने के दो आसान तरीके
तरीका 1: रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस चेक करें (सबसे तेज)
- आधिकारिक पोर्टल खोलें: pmayg.dord.gov.in
- ऊपर मेनू में Stakeholders पर क्लिक करें और IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
(सीधा लिंक: awaassoft.pmayg.dord.gov.in/netiay/Benificiary.aspx) - अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या Beneficiary ID डालें।
- कैप्चा भरें और Submit पर क्लिक करें।
स्क्रीन पर आपका नाम, पिता/माता का नाम, स्वीकृति स्थिति, किस्तों का विवरण, जारी राशि और घर का स्टेटस दिख जाएगा।

तरीका 2: बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के गांव की पूरी लिस्ट देखें

- पोर्टल पर जाएं और Awaassoft → Report चुनें।
- H. Social Audit Reports सेक्शन में Beneficiary details for verification पर क्लिक करें।
- राज्य → जिला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत चुनें।
- वित्तीय वर्ष (जैसे 2025-26 या 2026-27) और योजना Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin चुनें।
- कैप्चा भरकर Submit करें।
आपके गांव की पूरी सूची खुल जाएगी। इसमें नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, स्वीकृत राशि और हाउस स्टेटस दिखता है। लिस्ट को PDF या Excel में डाउनलोड भी कर सकते हैं।
Awaas+ लिस्ट क्या है और कैसे चेक करें?
Awaas+ 2024 सर्वे उन परिवारों के लिए है जिनका नाम पुराने SECC-2011 डेटा में नहीं था। ग्राम सभा द्वारा सत्यापन के बाद नाम Permanent Waiting List में जाता है। कई जिलों में ड्राफ्ट लिस्ट पर आपत्ति का समय अक्टूबर 2026 तक था। अगर आपका नाम सर्वे में था तो ग्राम पंचायत कार्यालय या पोर्टल पर स्टेटस चेक करें।

लिस्ट में नाम नहीं दिख रहा तो क्या करें?
- ग्राम सभा या आवास सहायक से संपर्क करें।
- Permanent Waiting List की जांच करवाएं।
- गलत जानकारी हो तो सुधार के लिए लिखित आवेदन दें।
- CSC सेंटर (जन सेवा केंद्र) पर भी मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण बातें याद रखें
- लिस्ट गांव-वार जारी होती है, पूरे राज्य की एक PDF नहीं मिलती।
- स्वीकृति के बाद किस्तें चरणबद्ध तरीके से खाते में आती हैं (मैदानी इलाकों में लगभग ₹1.20 लाख और पहाड़ी इलाकों में ₹1.30 लाख)।
- जियो-टैगिंग और निर्माण की तस्वीरें भी पोर्टल पर अपडेट होती रहती हैं।
नाम चेक करने के बाद अगर स्वीकृति मिल गई है तो नियमित रूप से स्टेटस देखते रहें। सही जानकारी और समय पर फॉलो-अप से घर बनाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in पर जाएं।




