gold rate today : सोने के भाव में पिछले कुछ दिनों में काफी गिरावट देखने को मिली है। अक्टूबर के मध्य में ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद पीली धातु में लगातार गिरावट आई है। पिछले पांच-छह दिनों में 24 कैरेट सोना कई हजार रुपये सस्ता हो चुका है। इससे शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में खरीदारी करने वाले लोगों को राहत मिली है।

आज का सोने का भाव (26 अक्टूबर 2026)
सोमवार को बाजार खुलने के बाद सोने के दाम में थोड़ी स्थिरता या हल्की उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,42,500 से ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। 22 कैरेट सोना ₹1,30,500 से ₹1,31,200 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा था।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में दरें लगभग एक जैसी हैं। जेवर की कीमत में मेकिंग चार्ज और GST अलग से लगता है, इसलिए ज्वेलर के यहां थोड़ा फर्क हो सकता है।
क्यों गिरे सोने के दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पर दबाव बना हुआ है। मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को सोने से दूर रखा। क्रूड ऑयल में उछाल से महंगाई की चिंता बढ़ी, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

पिछले सप्ताह MCX पर सोने के वायदा भाव में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कई विश्लेषक इसे मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता का नतीजा बता रहे हैं। दिवाली और धनतेरस करीब होने के बावजूद कीमतें नीचे आईं, जो खरीदारों के लिए अच्छी खबर है।
खरीदारों के लिए मौका?
त्योहारी सीजन में सोना खरीदने का यह अच्छा समय हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में सोना काफी ऊंचाई पर पहुंच चुका था। अब कीमतें कुछ नरम पड़ी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ पूरा पैसा लगाने की बजाय किस्तों में खरीदें। लंबे समय के निवेश के लिए सोना अभी भी अच्छा विकल्प माना जाता है।
खरीदारी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें:

- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही लें।
- 22 कैरेट या 24 कैरेट का फैसला अपनी जरूरत के हिसाब से करें।
- मेकिंग चार्ज और GST की तुलना अलग-अलग ज्वेलर्स से करें।
- डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी देख सकते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मीटिंग है। उसके नतीजे से सोने की दिशा तय हो सकती है। अगर ब्याज दरों को लेकर नरमी का संकेत मिलता है तो सोना फिर ऊपर जा सकता है। फिलहाल घरेलू मांग और रुपये की चाल भी कीमतों को प्रभावित करेगी।

कुल मिलाकर, पिछले पांच दिनों की गिरावट ने उन लोगों को राहत दी है जो शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते थे। बाजार की चाल को देखते हुए अभी सावधानी से खरीदारी करना फायदेमंद साबित हो सकता है।




