PM Kisan Farmer ID : पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। लेकिन अब नियमों में बदलाव आया है। नए किसानों के लिए फार्मर आईडी (Farmer ID) अनिवार्य कर दी गई है। जिन राज्यों में किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है, वहां बिना फार्मर आईडी के नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा।

अगर आप पहली बार इस योजना में नाम जुड़वाना चाहते हैं तो पहले फार्मर आईडी जरूर बनवा लें। पुराने लाभार्थियों को फिलहाल बिना आईडी के भी किस्त मिल रही है, लेकिन ई-केवाईसी पूरा होना जरूरी है।

फार्मर आईडी क्या है?
फार्मर आईडी किसानों की एक डिजिटल पहचान है। इसे AgriStack (एग्रीस्टैक) प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है। इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, जमीन के रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी), फसल का विवरण और आधार से जुड़ा बैंक खाता शामिल होता है।

इस आईडी से फर्जी आवेदनों पर रोक लगती है और योजना का पैसा सही किसानों तक पहुंचता है। कई राज्यों में अब खाद सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य कृषि योजनाओं के लिए भी यह आईडी जरूरी होती जा रही है।

किन राज्यों में अनिवार्य है?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है। इनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

जिन राज्यों में रजिस्ट्री का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, वहां बिना फार्मर आईडी के भी आवेदन हो सकता है। लेकिन जल्दी या बाद में यह नियम पूरे देश में लागू हो सकता है।

फार्मर आईडी कैसे बनवाएं?
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड (आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना चाहिए)
- जमीन के कागजात (खसरा, खतौनी या सात-बारह)
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- हालिया फोटो (जरूरत पड़ने पर)
ऑनलाइन तरीका:
- अपने राज्य के AgriStack पोर्टल पर जाएं (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए upfr.agristack.gov.in, बिहार के लिए bhfr.agristack.gov.in आदि)।
- “Create New User” या “Farmer Registration” पर क्लिक करें।
- आधार नंबर डालकर OTP से ई-केवाईसी पूरा करें।
- व्यक्तिगत जानकारी और जमीन का विवरण भरें।
- फॉर्म सबमिट करें। सत्यापन के बाद फार्मर आईडी जनरेट हो जाएगी।
ऑफलाइन तरीका:
नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), कृषि विभाग के कार्यालय या गांव में लगने वाले शिविर में जाएं। दस्तावेज लेकर जाएं। कर्मचारी आपकी मदद करेंगे। यह प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है। किसी एजेंट को पैसे न दें।
ध्यान रखने वाली बातें
- जमीन के रिकॉर्ड अपडेट रखें। आधार और जमीन के कागजों में नाम मिलान होना चाहिए।
- ई-केवाईसी नियमित रूप से अपडेट करते रहें। बिना ई-केवाईसी के किस्त अटक सकती है।
- सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट (agristack.gov.in डोमेन) का इस्तेमाल करें। फर्जी साइटों से बचें।
- फार्मर आईडी बनने के बाद ही पीएम किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर नया आवेदन करें।
फार्मर आईडी बनवाना अब सिर्फ पीएम किसान के लिए नहीं, बल्कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी होता जा रहा है। समय रहते यह काम पूरा कर लें ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।

अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या आधिकारिक पीएम किसान हेल्पलाइन से संपर्क करें। सही जानकारी फैलाएं और आसपास के किसानों को भी बताएं।




